मंगलवार, 8 जनवरी 2019

राममंदिर बनाइए

जिनके प्रताप से मिली है आपको ये सत्ता
उस रामनाम को न आप बिसराइए !
सवा सौ करोड़ लोग आशाओं से देख रहे
विनती है वादे को धरातल पे लाइए !
मन की सदा सुनाने वाले हे प्रधान सुनो
प्रजा से किया हुआ वो वचन निभाइये!
सदियों से बैठे हुए तिरपाल में श्रीराम
अयोध्या में भव्य  उनका मंदिर बनाइए !

रविवार, 6 जनवरी 2019

अच्छे बुरे की पहचान जरूरी है

जिंदगी जीने के लिए एक अरमान जरूरी है!
दुःख लाख मिले अधरों पे मुस्कान  जरूरी है!
बड़े धोखे है सम्हलना जीवन में पग पग पर,
अच्छे और बुरे की यहाँ पर पहचान जरूरी है!!

शनिवार, 24 नवंबर 2018

तिरंगे का बनी है शान(मैरीकॉम)

बनी अधरों की है मुस्कान देखो फिर से इक बेटी!
बनी हम सबका है अभिमान देखो फिर से इक बेटी!
इन्हें बोझा समझकर मारने वालों जरा देखो,
तिरंगे का बनी है शान देखो फिर से इक बेटी!!

शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2018

मुल्क को मीत लिखता हूँ,,,,

नही सजनी व साजन के,कभी मैं गीत लिखता हूँ !
नही लैला व मजनू की,कभी मैं प्रीत लिखता हूँ !
वतन ही आन है मेरी,वतन ही जान है मेरा ,
सदा मैं मुल्क को अपने,हृदय का मीत लिखता हूँ!!

बुधवार, 10 अक्तूबर 2018

न बहकूँ धर्मपथ से भी,,,,

मिटा दुःख के अंधेरों को,तू सुख जीवन में भर
दे माँ !
है संकट जो भी जीवन में,उसे तू दूर कर
दे माँ !
शिखर पर जब कभी पहुँचूँ,तनिक न दर्प
छू पाए,
न बहकूँ धर्म पथ से भी,मुझे तू ऐसा वर
दे माँ !!
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-सुनिल शर्मा"नील"
   CR

न काँपें हाथ सच लिखने से

मिटा दुःख के अंधेरों को,तू सुख जीवन में भर दे माँ !
है संकट जो भी जीवन में,उसे तू दूर कर दे माँ !
शिखर पर जब कभी पहुँचूँ,तनिक न दर्प छू पाए,
न काँपे हाथ सच लिखने से,तू मुझको ऐसा वर दे माँ !!

मंगलवार, 25 सितंबर 2018

बिक नही सकते

जो है नही वैसा कभी दिख नही सकते !
लोभ के वशीभूत होकर बिक नही सकते !
लाख आए मुसीबतें सत्य के पथ में किंतु,
कविता चरनचुम्बन की लिख नही सकते!!