गुरुवार, 5 मार्च 2026

दिन गर्मी के आए

मौसम है कुछ बदला-बदला, दिन गर्मी के आए
धूप लगी है अब तो चुभने, छाँव सभी को भाए

बीते दिन सर्दी के भाई, कितना था ठिठुराया 
भाता था कंबल औ स्वेटर, प्राण अलाव बचाया
सुबह नहाते बेदर्दी ने ,नानी याद दिलाए
मौसम है कुछ बदला- बदला, दिन गर्मी के आए

कोहरे वाली भोर गई अब, फागुन रंग जमाए
मौर लगे आमों में सुंदर, कोयल कूक लगाए
खेतो में नाचे है सरसो ,टेसू नैन लुभाए
मौसम है कुछ बदला- बदला दिन गर्मी के आए

दोपहरी संकेत दे रही, सोच समझकर खाए 
सूनी होंगी सड़के गलियां, सूरज आंख दिखाए 
लू भी लैस खड़ा है भाई मत रहना भरमाए 
मौसम है कुछ बदला-बदला, दिन गर्मी के आए।


नदियाँ ताल तलैया सारे, सूख रहे है सारे 
गर्मी में जीवों के होते थे ये कभी सहारे 
खुद संग फिक्र करें जीवों की मानव धर्म निभाए 
मौसम है कुछ बदला-बदला, दिन गर्मी के आए ||


सुनिल शर्मा नील
गुवारा, थान खमरिया
छत्तीसगढ़

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