नेता
नेता ऐसा चाहिए, करे राष्ट्र उद्धार।
जनहित जिसका धर्म हो, त्यागे लोभ-विकार |
त्यागे लोभ-विकार, नही रिश्वत से डोले |
जाति-पाति से दूर, राष्ट्र हित ही जो बोले।
कथनी करनी एक, नही धोखा हो देता |
सिंह समान समर्थ, मांगती जनता नेता ||
सुनिल शर्मा नील
9522651567
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