मोर पंख
शनिवार, 14 मार्च 2026
मन को रखिए शुद्ध(कुंडलियां)
गंदे तजिए आचरण, मन को रखिए शुद्ध |
करना ऐसे काम तुम, हो ना कोई क्रुद्ध |
हो ना कोई क्रुद्ध, चार दिन लेकर आए |
कपट द्वेष अरु झूठ, डूब इनमें क्या पाए |
सदा सत्य की राह, धरे चलते जा बंदे |
जप हरिहर का नाम, छोड़ दे कारज गंदे ||
सुनिल शर्मा नील
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