मंगलवार, 17 मार्च 2026

नकल vs मौलिकता


नकल vs मौलिकता 

खोया अपना रंग है, बनी नही पहचान |
दूजों की करके नकल, ढूंढ रहा था  मान |
ढूंढ रहा था मान, दिखावा उसको भाया |
मौलिकता को छोड़, रंग अपना बिसराया |
माया में फंस नील, रहा हरदम ही सोया |
अंदर जाना छोड़, रहा बाहर ही खोया ||

सुनिल शर्मा नील 
छत्तीसगढ़ 

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