गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

जीना हुआ हराम

जीना हुआ हराम

मानव तेरे पाप का, देख आज परिणाम |
जल थल सब विषमय हुए, जीना हुआ हराम |
जीना हुआ हराम, जहर वायु में फैला |
शक्ति में हो चूर, किया पृथ्वी को मैला |
हुआ स्वार्थ का दास, बना कलयुग का दानव |
भूला सहअस्तित्व, आज का लोभी मानव ||

सुनिल शर्मा नील
छत्तीसगढ़

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