देखे हमने दुनियावाले, देखी दुनियादारी
मतलब के है रिश्ते जग में, मतलब की है यारी ||
दिल में अपने रखते खंजर, ऊपर मीठी बाते
जय-जयकार करे है सम्मुख,पीछे रंग दिखाते
सुख में झूमे संग हमारे दुख में दूरी भारी
मतलब के रिश्ते है जग में, मतलब की है यारी ।
जिसपर होता हमें भरोसा, करता है गद्दारी
जिसको मानो अपना वो ही, सुलगाता चिंगारी
विपत काल में हाथ खडे कर, दिखलाते लाचारी
मतलब के रिश्ते है जग में, मतलब की है यारी ।।
झूठी शान दिखावे वाली, अंदर से सब खाली,
अपनेपन का चोला ओढ़े, नीयत लेकिन काली,
सच्चे मन का मोल नही अब, झूठ सत्य परभारी
मतलब के है रिश्ते जग में, मतलब की है यारी ।|
सुनिल शर्मा नील
छत्तीसगढ़
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