गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

गंगा करे सवाल


गंगा करे सवाल

गंगा करें सवाल यह, आँखों में भर नीर |
किन बातों की मिल रही, मुझे कहो ये पीर |
मुझे कहो ये पीर, सभी कुछ तुमपे वारा |
दूषित करके नील, मुझे क्यों आज बिसारा |
धोकर सबके पाप, सभी को करके चंगा |
हुई आज असहाय, तुम्हारी माता गंगा ||

सुनिल शर्मा नील


गुवारा (छग )

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