गंगा करे सवाल
गंगा करें सवाल यह, आँखों में भर नीर |
किन बातों की मिल रही, मुझे कहो ये पीर |
मुझे कहो ये पीर, सभी कुछ तुमपे वारा |
दूषित करके नील, मुझे क्यों आज बिसारा |
धोकर सबके पाप, सभी को करके चंगा |
हुई आज असहाय, तुम्हारी माता गंगा ||
सुनिल शर्मा नील
गुवारा (छग )
#ganga #kavisunilsharmaneel #fb #followers #explore #SaveGanga #poetry #Hindikavita
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें