रहे सदा सहयोग
बिखरे केवल प्यार ही, मिटे कलह के रोग |
हृदयों में मत खार हो, रहे सदा सहयोग |
रहे सदा सहयोग, खिले विश्वास की क्यारी |
हाथों में हो हाथ, रहे सबमें खुद्दारी |
करे सभी वह काम, देश जिससे यह सँवरे |
खुशियों के सब रंग, सदा भारत में बिखरे ||
सुनिल शर्मा नील
गुवारा,छत्तीसगढ़
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