मोर पंख
शनिवार, 5 फ़रवरी 2022
त्रिभंगी-सरस्वती वंदना
उर के मरुथल में, मेरे बरसो, बनो सहारा, माँ वाणी |
वर दो हर दो तम, कर दो अंतस, तुम उजियारा, माँ वाणी |
उज्ज्वल उज्ज्वल हो, चित्त विमल हो, चरित धवल हो माँ वाणी |
रिपुदल थरथर हो, अक्षर शर हो, वचन अटल हो, माँ वाणी ||
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