रविवार, 11 अगस्त 2019

परिवारवाद,,,

आउट होता नही है यह सदा नाबाद रहता है !
आँधियाँ आये या तूफ़ा सदा आबाद रहता है !
देश के मूड से इसको नही कोई फर्क पड़ता है ,
सियासत में सदा परिवारवाद जिंदाबाद रहता है !!

उस रोज,,,

काश वादा निभा पाता मैं उस रोज !
हिम्मत थोड़ी सी दिखाता मैं उस रोज!
जमाना न कहता बेवफा कभी मुझे,
काश तुम्हें अपना बनाता मैं उस रोज !!

शनिवार, 10 अगस्त 2019

कभी भूलकर न रूठना मुझसे

मुझ डूबते तिनके का सहारा हो तुम !
मेरे जीवन कश्ती का किनारा हो तुम !
कभी भूलकर भी दूर न जाना मुझसे,
हर हाल में मुझे अब गंवारा हो तुम!

बहुत दिनों के बाद आज भारतमाता मुस्काई है,,,,

घोर अंधेरी रात है बीती सुबह सुनहरी आई है !
कश्मीर में तीन सौ सत्तर की पट गई देखो खाई है !
गंध छंटी है बारूदी जो जमी थी केसर क्यारी में,
बहुत दिनों के बाद पुनः भारत माता मुस्काई है !!

शुक्रवार, 9 अगस्त 2019

बहुत दिनों के बाद आज भारतमाता मुस्काई है,,,,

घोर अंधेरी रात है बीती सुबह सुनहरी
आई है !
कश्मीर से तीन सौ सत्तर की पट गई
देखो खाई है !
गंध छटी है बारूदी जो जमी थी केशर
घाटी में ,
बहुत दिनों के बाद आज भारत माता
मुस्काई है !!

बनी देश का अभिमान-सुषमा स्वराज जी को समर्पित

बनी देश का अभिमान

एक आवाज थी जग में पहचान जो ।
अलविदा कह चली देश की शान जो।
                                 
माँ बनकर कितनों की जिंदगी बचाकर
विश्वपटल पर बढाई स्वदेश का मान जो!!

राजदूत रही विश्व में भारत के संस्कृति की
अंतिम श्वास तक गाती रही राष्ट्र का गान जो!

दुर्गा तो कभी सरस्वती के दर्शन हुए उनमें
सौम्यता का देती रही आजीवन ज्ञान जो !

मातृ शक्ति का प्रतीक प्रेरणा रही सबकी
माँ भारती की बेटी बनी जनजन का अभिमान जो

स्वहित पर सदा देश को रखा किया ऊपर
कृतित्व से अपने बनी देश की आन जो!

-सुनिल शर्मा "नील"



मापनी : 212  212  212  212

काफ़िया : आन ।
रदीफ़ :  जो ।
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बुधवार, 7 अगस्त 2019

पूरा वतन रो दिया,,,,,

फूल जब डाली से जुदा हुआ तो चमन रो दिया !
अर्थी जब सजाई गई उसकी तो कफ़न रो दिया !
घर-घर से भारत के ऐसा नाता जोड़ गई वह बेटी ,
हुई जब उसकी विदाई तो पूरा वतन रो दिया !!