तुझे पढ़लिख मेरे बेटे कुछ ऐसा कर
दिखाना है !
बढ़े यश कुल व भारत का कुछ ऐसे
जगमगाना है !
बने संदर्भ तू संस्कार के घर-घर में
भारत के,
समय के रेत पर तुमको निशां ऐसे
बनाना है !!
रविवार, 21 जुलाई 2019
बने संदर्भ तू,,,,जन्मदिन की बधाई betu
रविवार, 16 जून 2019
पिता-मुक्तक
जताता *वो* नहीं एहसान,अक्सर मौन होता है !
सदा नेपथ्य में रहकर, कुटुंब का बोझ ढोता है !
हुए लाखों सृजन माँ पर,इन्हें सबने भुलाया है ,
पिता सा त्याग का सिंधु *न* कोई जग में होता है !!
मुक्तक-पिता
जताता है नही अहसान,अक्सर मौन होता है !
सदा नेपथ्य में रहके,कुटुंब का बोझ ढोता है !
हुए लाखों सृजन माँ पर,इन्हें सबने भूलाया है ,
पिता सा त्याग का सिंधु नही कोई जग में होता है !!
मंगलवार, 28 मई 2019
उस दौर में
उस दौर मे जब लोग माँ-बाप को पानी नहीं
दिया करते है !
लोग स्वार्थपूर्ति का उद्देश्य लेकर जिया
करते है !
इंसानियत सिमट कर रह गई है केवल
किताबों में ,
कुछ लोग ऐसे है जो निःस्वार्थ काम किया
करते है !!
बुधवार, 22 मई 2019
जनमत का दिन,,,,
जीत मिले या कि हार दोनो करे शिरोधार्य
पार्टियों का ऐसा व्यवहार होना चाहिये !
संयम न खोए परिणाम सुनकर कोई
लोकतंत्र नही तार-तार होना चाहिए !
जिम्मेदारी मिली जिसे करे अंगीकार उसे
जनमत प्रेम से स्वीकार होना चाहिए !
न ही कोई हिंसा न द्वेष मेरे भारत में हो
प्रेम का सदा यहाँ प्रचार होना चाहिए !!
रविवार, 12 मई 2019
माँ तेरे पाँव नही भूला,,,,,
वो पगडंडी, वो अमराई,वो गाँव नही भूला !
खेला जिस नीम तले कभी वह छाँव नही भूला !
लोग भूल जाते है ऊंचाई पर पहुंचकर जमीं को अक्सर,
मिली लाख बुलंदीयाँ मुझे पर माँ कभी भी तेरे
पाँव नही भूला !