मोर पंख
शुक्रवार, 7 मई 2021
बरस मुझ पर घटा बन प्यार का(विधाता श्रृंगार मुक्तक)
बिना तेरे पिया जीवन लगे मुझको जमीं बंजर |
सभी दुश्मन मुहब्बत के लिए है हाथ में खंजर |
कहीं लगता नही है दिल तुम्हारे बिन करुँ क्या मैं,
बरस मुझपर घटा बन प्यार का तू दे बदल मंजर ||
सुनिल शर्मा"नील"
लगे मन को मनोरम जो(श्रृंगार विधाता मुक्तक)
लगे मन को मनोरम जो सुखद श्रृंगार हो ऐसा |
निकलता है हृदय के कोर से उद्गार हो ऐसा |
लखन की उर्मिला सी प्रीत प्रियतम का लिए मन में,
मिला जन्मों के तप से जो मुझे उपहार हो ऐसा ||
सुनिल शर्मा"नील"
शनिवार, 10 अप्रैल 2021
रामभक्त हनुमान(छप्पय छंद 4)
छप्पय प्रयास -3
*रामभक्त हनुमान*
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जा के सागर पार, खबर सीता के लाये |
झोंक आज वरदान, मोर मन हे हरसाये ||
सब ले बड़का भक्त, वत्स हनुमान कहाबे |
छू नइ पावय काल, अमर हो पूजे जाबे ||
पूजा करही तोर जे, अपन नवाही माथ ला |
रइही ओखर मूड़ मा, किरपा के मोर हाथ हा ||
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सुनिल शर्मा
कोरोना (छप्पय छंद 4)
छप्पय छंद-४
*कोरोना*
सुधार के बाद
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चीन देश ले आय, करोना नाम धराए |
बाँटत हावय मौत,जगत ला ये रोवाए ||
मरगे लाखो लोग, करोड़ों घर हे टूटे |
डर के हे माहौल, नौकरी मन हे छूटे ||
बीमारी ये हारही, लड़बो जुरमिल संग रे |
करबो हम कर्तव्य ला, खचित जीतबो जंग रे ||
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सुनिल शर्मा"नील"
बुधवार, 7 अप्रैल 2021
छप्पय छंद(नक्सली समस्या)
छप्पय छंद प्रयास
*नक्सल समस्या -1*
सुधार के बाद
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बेटा मन रणवीर, खून के खेलत होली |
होवत हवय शहीद, दिनोदिन खा के गोली ||
बाढ़त नक्सलवाद, हँसत पापी मन भारी |
होवय इँखरो नाश, होत बस निमगा चारी ||
मानवता के जेंन भी, दिखथे इहाँ खिलाफ हे |
खोज-खोज के मार के, उन ला करना साफ हे |
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सुनिल शर्मा"नील"
छप्पय-2(गर्मी)
छप्पय -2
विषय-गर्मी
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गरमी के दिन आय, घाम हर खूब
जनावय |
सड़क दिखय सुनसान, ठहरना घर मा भावय ||
खोजय सबझन छाँव, पसीना बड़ चुचवावय |
खीरा ककड़ी संग, कलिंदर खूब
खवावय ||
तरिया नदिया बोर सब, देवत हवय जवाब
अब |
मनखे तुँहर पाप के, होवत हवय हिसाब
अब |
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सुनिल शर्मा
गुरुवार, 1 अप्रैल 2021
गांधी नही भगत की नीति होनी चाहिए
देश है विशेष स्नेह इससे करे अशेष
वन्दे मातरम वाली,गीति होनी चाहिए |
माता भारती के स्नेह से करे गद्दारी कोई
उनसे न कोई कभी प्रीति होनी चाहिए |
आसुरी प्रवृत्तियों की वृत्तियों के नाश हेतु |
गांधी नही भगत की नीति होनी चाहिए |
कोई गाल झापड़ जो मारे तो उखाड़ो हाथ
शठे शाथयम वाली रीति होनी चाहिए ||
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