बुधवार, 26 अक्टूबर 2016

है रीत यहाँ बिलकुल उल्टी

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सूना-सूना मंदिर दिखता,पर मदिरालय
में चहल-पहल
कलयुग तो पापों का कीचड़,पर बनना
चाहे कौन "कमल"
है रीत यहाँ बिल्कुल उल्टी,मुर्दों को
पूजा जाता है
जीते जी मिलता प्यार नहीं ,मरने पर बनते ताजमहल  ।
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सुनिल शर्मा "नील"
थानखम्हरिया,बेमेतरा(छ. ग.)
7828927284
26/10/2016
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मंगलवार, 25 अक्टूबर 2016

हो सार तुम

मेरे जीवन के वीणा की हो तार तुम
मेरे साँसों के सरगम की झंकार तुम
कितनी रचना रची है तुम्हे देखकर
मैं कवि मेरी कविता की हो सार तुम|
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सुनिल शर्मा"नील"
थांनखम्हरिया,बेमेतरा(छ. ग.)
7828927284

सोमवार, 24 अक्टूबर 2016

दोहा-संसार

इस पापी संसार में,ना कर भल की चाह
भटके कितने ही पथिक,जिसने पूछी राह
24/10/2016

शनिवार, 10 सितंबर 2016

मुक्तक-कर बैरी के नाश

मुक्तक-कर बैरी के नाश
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अमन चैन के देश मोर बरत हवय ग आज
111 /212/ 21 21 /111112/21
"भारतमाता"ला चिथत हे आतंकी बाज
111/212/2121/111112/21
कर बैरी के नाश आके माँ के दुख हरव
111/212/ 2121/111112/21 
करत हवव मैं प्राथना हे गणपति-गणराज
111/212/2121/111 112/21
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सुनिल शर्मा"नील"
थानखम्हरिया,बेमेतरा(छ.ग.)
10/09/2016
7828927284
copyright

मुक्तक-गिरिजानंदन

मुक्तक-"गिरिजानंदन"
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सबले बड़े "दाई-ददा" हे जग ला जेन
11212/22122/2221/
सिखाए हे
1222
"बचन"रखे खातिर जेन अपन मुड़ी ल
11212/22122/2221
घलो कटाए हे
1222
झन करव पूजा भर जी गुन ला घलो
11212/22122/2221
सबो ओखर धरव
1222
देखव संगी फेर मयारू "गिरिजानंदन"
11212/22122/2221/
आए हे|
1222
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सुनिल शर्मा"नील"
थानखम्हरिया,बेमेतरा(छ.ग.)
10/9/2016
7828927284
copyright

गुरुवार, 18 अगस्त 2016

फना

********************************* "हमारे सुकून की खातिर सीमा पर फना हो जाते है कद्र करों उन कलाइयों की जो बहनों से जुदा हो जाते है" salute to indian army ********************************* सुनिल शर्मा"नील" थान खम्हरिया(छ.ग.) 7828927284 18/08/2016

शनिवार, 13 अगस्त 2016

वन्दे मातरम्

"वन्दे मातरम्" ********************************* भगत,बोस,आजाद,सभी का प्राण वन्देमातरम् भारत के जनजीवन की पहचान वन्देमातरम् स्वतंत्रता के संघर्षों में बिजली बनकर जो टूटे ऐसे अमर शहीदो का है गान वन्देमातरम् ********************************* सुनिल शर्मा"नील"
थानखम्हरिया,बेमेतरा(छ.ग.)
7828927284
14/08/2016