रविवार, 5 अप्रैल 2026

याद रखे इतिहास (दोहा छंद में )

 याद रखे इतिहास



याद रखे इतिहास को, क्या थे क्या है आज |
खग सोने  की नोंचने, कैसे आए बाज ||

याद रखे इतिहास के, वो लाखों बलिदान |
जिनके दम पर जी रहे, हम सब छाती तान ||

रक्त बूँद से लिख गए, आजादी के गीत |
उन वीरों को हम कभी, भूले मत हे मीत ||

धर्म कर्म अरु ज्ञान का, जग को दिया प्रकाश |
दुनिया के थे हम गुरू, हम पर था विश्वास ||

निजी स्वार्थी भाव में, खो बैठे अधिकार |
आपस में लड़ते रहे, टूटे स्नेहिल तार ||

भाई भाई को लड़ा, दुश्मन ने कर वार |
खून खराबे से किया, निज शासन विस्तार ||

एका का जब जब कभी, कम होता है तेल |
दीपक बुझता राष्ट्र का, तम का होता खेल ||

पतन सदा होता तभी, ज़ब बढ़ता अभिमान |
ज्ञानी ध्यानी कह गए, बात सत्य ले जान ||

फिर से समय पुकारता, करे नवल शुरुआत |
यश माँ भारत का बढ़े, लाए सुखद प्रभात ||

भूलो से हम सीख ले, गाथाओं से ज्ञान |
नवभारत निर्माण का, चले पुनः अभियान ||

सुनिल शर्मा नील
छग